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Bhagwat Katha
जिनकी मुस्कान से निकुंज में ज्योत्सना का उल्लास विलासने लगता है जिनकी बोलने से वातावरण में वीणा की झंकार लहराने लगती है जिनके लावण्या से कानन के आँगन में सौंदर्य बिखर जाता है उन शोभामई श्री राधा – कृष्ण के श्री चरणों में मेरा प्रणाम | "संसार से विमुख होने की अपेक्षा ईश्वर की तरफ उन्मुख होना ज्यादा श्रेयस्कर और सरल है क्योंकि ईश्वर की तरफ उन्मुख होने से संसार रूपी भव सागर से स्वतः ही विमुखता हो जाती है ! मनुष्य का स्वभाव छोड़ने का नहीं अपितु पकड़ने वाला होता है और स्वभाव को बदलना आसान नहीं होता Visit site »Contact Information
| Company Name | Bhagwat Katha | ||
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| Phone | 9926702337 | ||
| Address |
Dhariyakhedi mandsaur ,mp 458001 IN |
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| Toll free | 9926702337 | ||
| Main Contact | Bhagwat Katha | ||
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